यह सुन कर अत्यंत दुख है की श्री सत्य साईं बाबा इस दुनिया में अब नहीं रहें. मैं अपने और अपने टीम-सदस्यों की ओर से उन्हें श्रद्धा-सुमन श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ. आज जरूरत है धैर्य और शांति से उनके वचनों को याद करने की और एकाग्रचित्त हो कर उनके सांसो को महसूस करने की, जो उन्होंने 85 वर्ष तक इस प्रदूषित वातावरण में अपने पवित्र सांसो से लोगों के ह्रदय को दूषित होने से बचाया. उन्होंने सर्व-धर्म एकता और मानव धर्म की, जो शिक्षा हमें दिया है, आज जरुरत है उसकी रक्षा करने की. उन्होंने कभी भी जाति, भाषा, धर्म, संप्रदाय और देश-विदेश के लोगों में भेद-भाव नहीं किया. वे सच्चे अर्थों में ईश्वर के अवतार थे. उनका आशीर्वाद और कृपा सब पर था, है और हमेशा रहेगा. मैं एक बार फिर भारत समेत 114+ देशों में रहने वाले साईं भक्तो को सांत्वना देना चाहता हूँ कि साईं इस दुनियां से गए नहीं हैं, वो हमेशा हमारे हृदय में निरंतर धड़कते रहेंगे. हमें इंतजार है 2024 की, जब सत्य साईं बाबा प्रेम साईं के रूप में अवतरित होंगे. अतः अब हमारा परम कर्त्तव्य और उनकी आज्ञा है कि उनकी अनुपस्थिति में उनके बताये मार्गों पर चल कर उनकी इच्छा और सपनों को साकार करें.
जय, ॐ साईं

